astro uncle tips for नवरात्री pooja

नवरात्री astro  uncle live phone 0120-4807333 the show comes on Saturday and Sunday 21:30 hours on Tezz Aaj Tak Channel which is

available with home cable operators but not with DTH connections or set top box based connections.

घर का एक आदमी भी विधि से पालन कर ले नवरात्री का पूजन
करे तो उससे भी घर परिवार का भला हो जाता है
पितृ पूजा के बाद बंदनवार लगाये दीपदान अदि करे देवी के बाएं (left side  ) तरफ
में दिया स्थापित करे दाहिनी ओर गंध प्रज्ज्वलित करे ,कलश स्थापना करे कलश स्थापना
से चीज़े पलटती है ऐसा विश्वास है ,अखण्ड ज्योति जलाये ,पूजा में प्रसाद जरूर होना चाहिये ,
माँ के दाहिनी ओर कलश स्थापना करे कलश के ठीक सामने मिट्टी और जौ बो दे ,ध्यान रखिये
यदि आपके ऊपर तंत्र प्रयोग है तो ये जौ ऊग नहीं पाएंगे ,माँ का आवाहन करे शंख बजाये ,
नवरात्री में यंत्र या सुपाड़ी सिद्ध करे दुर्गा सप्तशती का पाठ करे
ॐ हुम फट स्वाहा इस मंत्र से निर्दयी लोगो से आपकी रक्षा करेंगी माँ
बुरे ग्रहों के लक्षण promote करने से अच्छे ग्रह फल नहीं देते जैसे यदि क्रोध एक क्रूर या
बुरे ग्रह का लक्षण है ऐसा करने से आप बुरे ग्रह का लक्षण promote कर रहे है इससे शुभ ग्रह
आपको फल नहीं दे सकेगा
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे वा दुर्गे दुर्गे रक्षिणी स्वाहा
बलि का अर्थ मानसिक या कार्मिक बलि होता है
उपवास कई प्रकार के होते है
एक भक्त उपवास सूर्यास्त से पहले खाना खा ले
नक्त उपवास सूर्योदय से 1.5 मुहूर्त में खाना खा ले
अयाचित उपवास
एक बार भोजन करे वो भी बिना किसी से मांगे जो कुछ भी कोई दे दे वही भोजन कर ले और वो भी एक बार
यदि उपवास टूट जाये तो
तुरंत मुह से अन्न निकाल दे उलटी करे
ज्योतिषीय उपाय या अनुष्ठान बीच में टूट जाये तो उसे पुनः शुरू से शुरू करे
बीच में जो छूटा उसे 1 कम मत count करे
ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः  (सर्व बाधा मुक्ति मन्त्र)
यदि परिवार काफी परेशानी में है तो
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते
ये ऊपर वाला मन्त्र दो रूपों में मिलता है निचे गीता प्रेस गोरखपुर वाली किताब के सप्तश्लोकी  में जैसा दिया है वो है
सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते ॥
उच्चारण किसी से पूंछ के करे
वाणी दोष किसी भी प्रकार का हो यदि समय पे अपनी बात कह न पाते हो तो नवरात्री में 1.25 लाख जप निम्नलिखित
मन्त्र का कर ले
ॐ वाग्वादिनी स्वाहा (माँ वागेश्वरी की साधना है ये ) कमलगट्टे की माला से जप होगा
शुद्ध घी के आटे  के 9 दीपक बना ले सूत का धागा अपनी लम्बाई के बराबर ले ले और वो दिए में बत्ती के स्थान पर प्रयोग करे (रुई की बत्ती नहीं )
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे 11 माला जप ले
This is an approximate write up of what I could recollect from the Astro Uncle live show which was for Navratri Oct 2012

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